All BlogsHealth

रुके हुए पीरियड्स लाने के उपाय

Spread the love

पीरियड लाने का उपाय | रुके हुए पीरियड्स लाने के उपाय

आधुनिक दौड़ की महिलाओं ने घर और बाहर की सभी जिम्मेदारी संभाल ली है ऐसे में स्वास्थ्य सम्बन्धी बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिनमे से एक पीरियड्स भी है. अगर एक महिला के पीरियड्स कुछ समय के लिए रुक गए हैं, तो यह उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बन सकता है। कुछ महिलाएं Family Function और Traveling से पहले पीरियड्स जल्दी लाने के लिए बाजार से दवाई लेकर खा लेती हैं जिससे  कई बार हैवी फ्लो, और दर्द होता है। पीरियड लाने का उपाय के बारे में हम कुछ प्रमुख घरेलू नुस्खे पर चर्चा करेंगे ।

जल्दी पीरियड लाने का उपाय – Period Lane ke Upay

अदरक और शहद का सेवन: अदरक और शहद एक प्राकृतिक तरीका है जो मासिक धर्म को लाने में (period lane ke upay) मदद कर सकता है। अदरक के रस को गरम दूध या पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है।

अजवाइन का पानी: एक गिलास पानी में अजवाइन को भिगोकर रखें और उसे एक रात तक छोड़ दें। इस पानी को सुबह के समय खाली पेट पीने से पीरियड्स के जल्दी आने में मदद मिलती है।

पपीता: पपीते में विटामिन सी की अधिकता होती है, जो पीरियड्स को लाने में मदद करता है। पपीता खाने से पहले उसके बीजों को हटा दें और फिर खाएं।

ताजा अनार का रस: अनार का रस मासिक धर्म को लाने में मदद करता है। इसके अलावा, यह आपके शारीर में ऊर्जा भर देता है।

धनिया के बीजों का पानी: धनिया बीजों को पानी में भिगोकर रखें और उस पानी को पीने से पीरियड्स के आने में मदद मिलती है।

अंजीर का सेवन: अंजीर में विटामिन्स, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो पीरियड्स को जल्दी लाने में मदद करते हैं।

व्यायाम: योग और व्यायाम आपके हार्मोनल स्तर को संतुलित रखने में मदद करते हैं, जिससे पीरियड्स समय पर आता है।

हर्बल चाय: कई जड़ी बूटियों का उपयोग करके बनाई गई हर्बल चाय भी पीरियड्स को जल्दी लाने में मदद कर सकती है। कुछ प्रसिद्ध हर्बल चाय जैसे कि पत्तियों का चाय और मेथी का पानी आपके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

पीरियड्स के कितने दिन बाद सम्बन्ध बनाना चाहिए?

हर महिला की शारीरिक संरचना और स्वस्थ्य अलग अलग होता है. उनके पीरियड्स का साइकिल भी भिन्न भिन्न होता है. इसलिए सामान्यतः 28 -35 दिनों के बीच पीरियड्स का एक चक्र मन जाता है. किसी महिला को गर्भधारण करने के लिए एक Mature एग और स्पर्म का सही तरीके से Fertilization होना जरुरी है। किसी महिला में मासिक धर्म शुरू होने से लगभग 12-14 दिन पहले गर्भवती होने का सबसे अच्छा समय होता है। (मासिक चक्र के मध्य में 10 से 20 दिन) यदि कोई couple उस दौरान असुरक्षित यौन संबंध बनाते है, तो गर्भवती होने की संभावना बढ़ जाती है।

पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी हो सकती है – Period Ke Kitne Din Baad Pregnancy Hoti Hai

अगर कोई स्त्री मासिक धर्म शुरू होने के बाद पहले 5 से 10 दिनों के दौरान सम्बन्ध बनाती है, तो उस महिला के गर्भवती होने के चांसेस बढ़ जाती है। यदि वह अगले 6 दिनों में ओव्यूलेट करती है, तो गर्भधारण की संभावना है। जिन लोगों की अवधि कम होती है, उनके मासिक धर्म के तुरंत बाद गर्भवती होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि वे पहले ओव्यूलेट करती हैं। शुक्राणु एक महिला के शरीर के अंदर 5-7 दिनों तक जीवित रह सकता है. एक परिपक्व ओवुलेटेड अंडा 24 घंटे तक जीवित रहता है।

उच्चतम गर्भावस्था दर तब दर्ज की गई है जब अंडाणु और शुक्राणु ओव्यूलेशन के 4 से 6 घंटे के भीतर निषेचित हो जाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में महिलाओं को उनके पीरियड्स के मासिक चक्र का उचित ज्ञान होना बहुत जरुरी है, क्यूंकि सबका मासिक चक्र अलग लग हो सकता है और उसी के अनुसार आपका ओवुलेशन का समय भी अलग अलग हो सकता है।

निष्कर्ष:

पीरियड्स में देरी होने पर प्रायः महिलों के अंदर एक डर और मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. कुछ महिलाएं पीरियड्स में पूजा पाठ करना भी छोड़ देती हैं ऐसी स्थिति में वो पीरियड्स की डेट ख़ास अवसरों पर नहीं चाहती हैं क्यूंकि कई बार हैवी फ्लो, दर्द, मूड स्विंग्स की वजह से वो सामाजिक, धार्मिक अनुष्ठानो में शिरकत करने से बचती हैं।

Read More : त्वचा की देखभाल के लिए घरेलु उपचार || 4 Month Pregnancy in Hindi || खांसी का इलाज घरेलू

यह ब्लॉग पोस्ट उन महिलाओं के लिए उपयोगी साबित होगा जो घर बैठे कम खर्चों में घरेलु उपाओं से रुके हुए पीरियड्स को जल्दी लाना चाहती हैं।

अंजली भारती

Spread the love

wp-admin

मै एक हिंदी ब्लॉगर हूँ जहा Digital Marketing, Tech, Health, ऑनलाइन पैसा कमाए, स्टोरी आदि से रेलेटेड कंटेंट लिखता हु और अपने users को अच्छी जानकारी देने का प्रयास करता हु।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *