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पेट के कीड़े का इलाज

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पेट के कीड़े क्या होते हैं ? पेट के कीड़े: प्रकार, कारण, लक्षण और उपचार

पेट के कीड़े का इलाज: पेट में कीड़ा होना एक आम समस्या है। मनुष्य के पेट का कीड़ा एक पैरासाइट (परजीवी) होता है, जो आपके इंटेस्टाइन में पाया जाता है और उसी से खून चूसता रहता हैपेट के कीड़े आपकी इंटेस्टाइन से अपने लिए जरुरी पोषक तत्व तो ग्रहण कर लेते हैं जिससे वो जीवित रह सकें लेकिन पेट के अंदर उनका रिप्रोडक्शन संभव नहीं है।

परजीवी (पैरासाइट) क्या होता है ?

वैसे जीव जो अपने भोजन और पोषण के लिए किसी दूसरे जीव पर निर्भर होता है, परजीवी कहलाता है। ये परजीवी जब मनुष्य के पेट में हो जाते हैं तो इन्हे पेट के कीड़े के नाम से जाना जाता है। यह समस्या मुख्यतः बच्चों में पायी जाती है। किसी भी पशु के मल या गंदे पानी के कॉन्टैक्ट में आने से यह इन्फेक्शन इंसानो में हो सकता है। पेट के कीड़े आपके इंटेस्टाइन के अलग अलग भागों में मौजूद हो सकता है और उसी के हिसाब से लक्षण भी दिखाई देते हैं। (ये भी पढ़े : सिर दर्द का इलाज)

अगर पेट के कीड़े कम संख्या में हैं तो हो सकता है उसके कोई भी लक्षण न दिखाई दे और न ही वह ज्यादा नुकसान दायक होता है लेकिन अगर इनकी संख्या ज्यादा होती है तो वह पेट दर्द जैसे लक्षणों के साथ उजागर होता है। पेट के कीड़े का इलाज संभव है, सामान्यतः ऐसी स्थिति में आपको दवाई दी जाती है लेकिन अगर समस्या गंभीर हो तो सर्जरी की जरूरत भी हो सकती है।

पेट के कीड़े कितने प्रकार के होते हैं ?

सामान्यतः पेट के कीड़े के प्रकार निम्न होते हैं :

फ्लैटवॉर्म तथा राउंडवार्म : जहाँ फ्लैटवॉर्म के अंतर्गत टेपवॉर्म और फ्लूक आता है वहीँ रॉउंडवॉर्म के अंतर्गत पीनवॉर्म, हुकवॉर्म, एस्कारियासिस। 

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पेट के कीड़े के लक्षण क्या होते हैं ?

पेट के कीड़े के लक्षण सभी लोगों में अलग अलग हो सकते हैं। जिसमे से कुछ समान लक्षण इस प्रकार है : 

  • पेट में दर्द होना : पेट में दर्द होना टेपवॉर्म, रॉउंडवॉर्म तथा फ्लूक के लक्षण हो सकते हैं। टेपवॉर्म पेट के कीड़े में सबसे बड़ा होता है, जिसकी उपस्थिति में कोई भी लक्षण सबसे ज्यादा दिखाई देता है। पेट के कीड़े का दर्द अन्य पेट दर्द से थोड़ा भिन्न होता है, इसमें लगातार दर्द होने की बजाए रुक रुक तक दर्द होता है और पेट में मरोड़ जैसा महसूस होता है। 
  • दस्त : अगर आपके पेट में रॉउंडवॉर्म मौजूद है तो दस्त लगना इसका एक सामान्य लक्षण हो सकता है वहीँ अगर आपके पेट का कीड़ा टेपवॉर्म है तो दस्त का होना जरुरी नहीं है। 
  • शारीरिक विकास में कमी : पेट के कीड़े जब बच्चों में रॉउंडवॉर्म के रूप में पाए जाते हैं टॉप वह उनकी आंत से खून को और अन्य पोषक तत्वों को चूस लेता है जिसकी वजह से बच्चे का विकास धीमा पड़ जाता है। ऐसी स्थिति में कभी कभी बच्चों का वजन कम होने लगता है और विटामिन बी 12 की कमी होने के कारण एनीमिया जैसे लक्षण भी दिखाई देने लगते हैं। 
  • थकान : पेट के कीड़े होने पर आपको थकन महसूस हो सकती है क्यूंकि यह कीड़ा आपकी इंटेस्टाइन में रहकर वहां मौजूद खून को चूसता रहता है और जो पोषक तत्व आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं उनको वह पहले की ग्रहण कर लेता है। जिसकी वजह से आपको ऊर्जा की कमी और थकान महसूस हो सकती है। 
  • पेट के कीड़े के कारण कई बार आपके मल में इन कीड़ों के छोटे छोटे टुकड़े दिखाई देते हैं। 
  • पेट के कीड़े आपके फेफड़े को भी प्रभावित कर सकते हैं जिसकी वजह से खांसी, छाती में दर्द और बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। 
  • पेट के कीड़े के अन्य लक्षणों में मितली आना, उलटी होना, पेट फूलना, गैस बनना, पेचिश जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। 

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पेट के कीड़े की स्थिति में आपको डॉक्टर से कब दिखवाना चाहिए ?

अगर आपको पेट में दर्द लम्बे समय तक महसूस हो तो आपको किसी डॉक्टर से अवश्य संपर्क करना चाहिए। यदि आपके मल में कीड़े का कोई भी छोटा या बड़ा टुकड़ा दिखाई दे तब भी आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कई बार आपकी त्वचा पर चकत्ते होने लगते हैं या अचानक से आपका वजन घटने लगता है तो ऐसी स्थिति में भी आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर लेनी चाहिए। 

पेट के कीड़े के कारण क्या हैं ?

पेट के कीड़े कई कारणों से हो सकते हैं लेकिन मुख्य रूप से गन्दगी या जानवरों को इसका कारण माना जाता है। अधिकांशतः यह रोग आपको दूषित पानी, दूषित मिटटी, सफाई की दिक्कत, मल के संपर्क में आने से हो सकता है। जो लोग माँसाहारी भोजन खाते हैं उन्हें अधपका मांस खाने से भी पेट के कीड़े हो सकते हैं। अगर आप जाने अनजाने कोई भी दूषित पदार्थ ग्रहण कर लेते हैं तो वह आपके पेट के अंदर जाकर धीरे धीरे विकसित  होने लगता है और जब यह कीड़े आकर में बड़े हो जाते हैं तो भिन्न-भिन्न लक्षण दिखाई देने लगते हैं। यदि आप किसी दूषित भूमि पर नंगे पैर चलते हैं या खुले में शौच आदि करते हैं तो इसका खतरा ज्यादा रहता है।

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पेट के कीड़े से बचाव के तरीके :

* जब भी आप खेत या बगीचे से फल, सब्जियां तोड़कर लाएं तो उसको इस्तेमाल करने से पहले अच्छे से साफ़ कर लें। 

* आप अपने बच्चों को गंदे हाथों से नाक या मुंह छूने से मना करें। 

* जब भी मांस या मछलियां खाएं तो पहले यह सुनिश्चित कर लें की वह अच्छे से पका हुआ हो। 

* जहाँ सफाई न होने का पूर्वानुमान हो वहां जाने से परहेज करें। 

* शौचालय जाने के बाद अपने हाथों को अच्छे से साफ़ कर लें।

पेट के कीड़े का परीक्षण : 

अगर आपको पेट के कीड़े का कोई भी लक्षण दिखाई दे तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और उनके बताये हुए तरीके से परीक्षण अवश्य करानी चाहिए। इनमे शमिल हैं : 

स्टूल टेस्ट : इस टेस्ट के अंतर्गत डॉक्टर आपके मल का परीक्षण करते हैं, जिसमे डॉक्टर आपके मल सैंपल से यह जांच करते है कि उसमे कोई कीड़ा तो नहीं है क्यूंकि पैरासाइट के टुकड़े या अंडे आपको मल में कभी कभी मिल जाते हैं इसलिए हॉप सकता आपके मल का परीक्षण डॉक्टर 2 से 3 बार करे। 

स्कॉच टेप टेस्ट: इस टेस्ट में डॉक्टर आपके गुदा के ऊपर कई बार टेप लगाकर फिर माइक्रोस्कोप से उसमे उपस्थित पेट के कीड़े के अंडे की जांच करते हैं। 

सिटीस्कैन या एमआरआई टेस्ट के जरिये भी डॉक्टर इमेजिंग द्वारा कीड़े का पता लगा सकते हैं। 

ऐंटीबॉडी टेस्ट : इस टेस्ट द्वारा डॉक्टर परजीवियों के खिलाफ बनने वाले एंटीबाडी की जांच करते हैं और उसी से पेट के कीड़े की पहचान करते हैं। 

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पेट के कीड़े का इलाज

पेट के कीड़े का पता लगाना तब तक मुश्किल होता है जब तक उसके लक्षण स्पष्ट ना दिखाई दे। अक्सर पेट के कीड़े का पता नहीं चल पाता है क्यूंकि कोई लक्षण दिखाई नहीं देता है कई बार यह अपने आप ठीक भी हो जाता है और अगर एक बार पता चल गया तो इसका इलाज संभव है। डॉक्टर आपको कीड़े को ख़त्म करने की दवाई दे सकते हैं। लेकिन यहाँ हम पेट के कीड़े के लिए घरेलु उपायों को देखेंगे :

पेट के कीड़े का घरेलु उपाय : 

आजवाइन : पेट के कीड़े के घरेलु उपचार के रूप में आप आधी चम्मच अजवाइन को पानी के साथ नियमित रूप से खाना खाने से आधे घंटे पहले खा सकती हैं। ऐसा आपको एक सप्ताह तक करना है, इससे पेट के दर्द से भी राहत मिलेगा और पेट के कीड़े भी नष्ट हो जायेंगे। 

गुड़ के साथ भुना हुआ जीरा : पेट के कीड़े को खत्म करने के लिए आप भुने हुए जीरे को गुड़ के साथ नियमित रूप से खा सकते हैं। 

तुलसी का पत्ता : तुलसी के पत्ते को खाने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं क्यूंकि तुलसी का अर्क कीड़ों को मारने में असरदार होता है और पेट दर्द से भी राहत दिलाता है। 

लौंग खाएं : लौंग पेट के कीड़े को नष्ट करके आपको उससे राहत दिलाता है क्यूंकि लौंग के अंदर इयुजिनॉल पाया जाता है जो आपके पेट के कीड़े और उसके अंडे को नष्ट कर देता है। 

लहसुन खाएं : आप रोजाना कच्चे लहसुन की 3 से 4 कली खाएं क्यूंकि इसमें उपस्थित एलिसिन और अजोएन तत्‍व पेट के कीड़ों को नष्ट करने में मददगार होते हैं और आपको पेट दर्द से भी आराम दिलाएंगे। 


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