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इको फ्रेंडली होली कैसे मनाए – Eco Friendly Holi in Hindi

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Eco Friendly Holi कैसे मनाए : होली रंगों का त्यौहार है। इस त्यौहार को पूरे भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान लोग एक दूसरे को रंग लगाकर अपनी खुशियां बांटते हैं। इस दिन लोग तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बनाते हैं। इस साल 25 मार्च को हमारे देश में होली का पर्व मनाया जाएगा। होली हम सभी के लिए बेहद खास पर्व होता है। ऐसे में हम अपने दोस्तों, रिश्तेदार  इत्यादि को रंग लगाना नहीं भूलते।

लेकिन आजकल केमिकल युक्त रंग हमारी त्वचा के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं। यह न केवल हमारी त्वचा बल्कि हमारे पर्यावरण के लिए भी काफी हानिकारक होते हैं।

होली खेलने के साथ-साथ हमें अपनी पृथ्वी को भी हरा भरा और स्वस्थ रखना है। जलवायु परिवर्तन संकट और महामारी के इस दौर में हमें पर्यावरण के अनुकूल होली (Eco Friendly Holi) को मनाना चाहिए। पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए हमें इस उत्सव को मनाना चाहिए।

हम कुछ ऐसे तरीके बताते हैं जिनसे आप होली के उत्सव को इको फ्रेंडली बना सकते हैं। Eco Friendly Holi हमारे लिए भी लाभदायक है और हमारे आसपास के पर्यावरण के लिए भी बेहद जरूरी है। (ये भी पढ़े : Immunity Kaise Badhaye in Hindi)

होली खेलने के लिए आप जैविक व ऑर्गेनिक रंगों का इस्तेमाल करें। यह आपकी त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। आप बाजार से आर्टिफिशियल रंग न खरीद के घर पर खुद ही रंगों को बना सकते हैं। यह रंग घर पर आसानी से बनाए जा सकते हैं व सस्ते भी होते हैं। यह ऑर्गेनिक रंग पर्यावरण और आपकी त्वचा दोनों में से किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।

आईए जानते हैं कि घर पर हम खुद से Organic रंग कैसे बनाएं ?

1. टेसू के फूलों को रात भर पानी में भिगोकर रखें। सुबह होते ही इसको निकाल ले। आप देखेंगे की पानी पूरा नारंगी हो गया है। आपका कलर बनकर तैयार हो गया है। यह कलर आपकी त्वचा और बालों को नुकसान बिल्कुल नहीं पहुंचाएगा।

2. हल्दी का इस्तेमाल आप गीले और सूखे दोनों कलर के लिए कर सकते हैं। बेसन और हल्दी को मिलाए व इस रंग को सभी को लगाए। इसके अलावा अब हल्दी को पानी में भिगोकर रात भर के लिए छोड़ दे अगले दिन इससे होली खेले। यह आपकी त्वचा को बिल्कुल नुकसान नहीं पहुंचाएगा

3. एक बॉल में चुकंदर व पानी को गर्म करें। इसके ठंडा होने पर आप इससे होली खेल सकते हैं। यह मैजेंटा कलर अत्यधिक आकर्षित भी लगता हैं।

4. आप लाल चंदन पाउडर को गीले और सूखे दोनों ही रंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा आप अनार के छिलकों को  पानी में उबाल ले व ठंडा होने पर इसका उपयोग आप होली खेलने में कर सकते है।

5. मेहंदी पाउडर को बेसन या मकई के आटे के साथ मिलकर आप होली खेलने में इसका उपयोग कर सकते हैं। इसका उपयोग आप सुख हरे रंग के रूप में कर सकते हैं।

इसका प्रयोग करने से पानी की बर्बादी होती है वह पर्यावरण के लिए भी यह हानिकारक है। गुब्बारा फेंकने से किसी को चोट भी लग सकती है अतः इसके इस्तेमाल से बचें। आप सेफ होली खेले।

पिचकारी व किसी भी वाटर गन का प्रयोग करने से आप बचे।यह अधिक पॉल्यूशन ,पानी की बर्बादी और पर्यावरण में प्लास्टिक को बढ़ाता है ।आप केवल जैविक रंगों का इस्तेमाल करें। आप सूखी होली खेले। पानी का प्रयोग कम करने की कोशिश करें।

होलिका दहन में आप यह जरूर निश्चय करें कि आप उन वस्तुओं का उपयोग करें जो कि हमारे पर्यावरण के लिए नुकसानदायक ना हो। आप गोबर ,नारियल के छिलके, सूखे पत्ते इत्यादि का उपयोग करे। प्लास्टिक का प्रयोग आप बिल्कुल ना करें। इको फ्रेंडली होलिका दहन करके भी आप परंपराओं को जीवित रख सकते हैं।

FAQs

होलिका दहन शुभ मुहूर्त कब से कब तक है ?

शुभ मुहूर्त 24 मार्च को सुबह 09 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि 25 मार्च को दोपहर 12:29 बजे समाप्त होगी।


2024 में होली कितने मार्च को है?

साल 2024 में फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन 24 मार्च 2024 को किया जाएगा और 25 मार्च को होली मनाई जाएगी।

उम्मीद करता हु आपको मेरा पोस्ट (Eco Friendly Holi कैसे मनाए?) पसंद आया होगा। इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि हम अपने इस होली के त्यौहार को प्यार और उल्लास से मन सके।

डिजिटल नितिन

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